नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही नए जजों की नियुक्ति होने जा रही है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों और एक वरिष्ठ महिला अधिवक्ता को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की है।
कॉलेजियम की बैठक में 5 नामों पर मुहर
22 और 27 मई को हुई कॉलेजियम की बैठकों में जिन नामों पर सहमति बनी, उनमें पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली और वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट की क्षमता के करीब पहुंची जजों की संख्या
वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में 32 न्यायाधीश कार्यरत हैं। इन सिफारिशों के लागू होने के बाद अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 36 हो जाएगी, जबकि स्वीकृत कुल क्षमता 34 से अधिक की स्थिति के करीब पहुंचेगी।
महिला प्रतिनिधित्व को मिलेगा बढ़ावा
वरिष्ठ अधिवक्ता वी मोहना की नियुक्ति को लेकर विशेष चर्चा है, क्योंकि वह सीधे सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली कुछ चुनिंदा महिला अधिवक्ताओं में शामिल हो सकती हैं। इससे पहले जस्टिस इंदु मल्होत्रा पहली ऐसी महिला थीं जिन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता से सीधे सुप्रीम कोर्ट जज बनाया गया था।
हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक का सफर
सिफारिश किए गए चारों न्यायाधीश अलग-अलग हाईकोर्ट से जुड़े रहे हैं। जस्टिस शील नागू मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से, जस्टिस चंद्रशेखर झारखंड हाईकोर्ट से, जस्टिस संजीव सचदेवा दिल्ली हाईकोर्ट से और जस्टिस अरुण पल्ली पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में भेजे जाने की सिफारिश की गई है।
अब यह सिफारिश केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अंतिम नियुक्ति का रूप लेगी।
